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ख्वाबों की मुलाकात

ख्वाबों की मुलाकात अक्सर एक प्रेम की दास्तां होती है

Bikesh 1 सितंबर 2026 1 मिनट पठन
ख्वाबों की मुलाकात
तुमसे हर रोज बात करता हूं मैं ख्यालों में ही सही तुमसे मुलाकात करता हूं मैं बातें हर रात अधूरी रह जाती है घड़ी के टिक-टिक से नए दिन की शुरुआत हो जाती है
तुम्हारा नाम लिए बिना मानो नींद पूरी होती नहीं, प्रेम के धाम में तुम्हारा और मेरा संगम ख्यालों में ही सही मुकर्रर हो ही जाता है
अक्सर मेरी आंखें तुम्हें ढूंढती हैं नजरों में तुम्हें कैद करना चाहती है तुम्हारे छुअन की कल्पना से मेरी आत्मा तृप्त हो जाती है
इस लोभी संसार में तुम्हारे हर स्पर्श से मैं पूर्ण हो जाता है एक बार ही सही ख्यालों में तुम्हें मैं कैद करना चाहता हूं

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