सभी कविताएँशांत रस

मेरी बनावट

जब कोई खुद को तराशता है तब उसकी बनावट तय करती है उसका आकार क्या होगा।

Bikesh 31 अगस्त 2026 1 मिनट पठन
मेरी बनावट
सादे लिबास में मैं खुद के भीतर रंग भरने की कोशिश में था। रंग तो नहीं भर पाया लेकिन लिबास ने रंग बदल लिया। सब की आँखें मेरी बनावट पर थी, पर मैं अपनी बनावट को तराश रहा था। खुद को इतना मोम कर चुका था, कि किसी के ठंडक से मेरा आकार बदल सकता था। मैं मोम नहीं बनना चाहता हूं मेरा‌ आकार सिर्फ मेरी बनावट तय करेगी।

संबंधित पठन