
निश्चित ही मृत्यु होगी,
अंत भी भयावह होगा।
अग्नि का तांडव चिता पर
खूब रोष उत्पन्न करेगा।
मृत्यु से एक क्षण पहले
और मृत्यु के उपरांत दो पल का
संगम यमलोक में
विस्मय का विषय होगा।
मन शून्य की ओर जाएगा
और शरीर अनंत में विलीन होगा।
मृत्यु का कोई हरण कर ले,
ऐसा कोई तत्व नहीं।
लेकिन मरणासन्न के पास
सब होंगे, और
चिता पर अग्नि तांडव करेगी।


