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राष्ट्रीय राइफल्स

ये कविता हमारे देश के एलीट फोर्स राष्ट्रीय राइफल्स पर आधारित हैं

Bikesh 6 अक्टूबर 2026 1 मिनट पठन
राष्ट्रीय राइफल्स
भूत-प्रेत सब इनकी मुट्ठी में, ज्वाला से भयावह मंजर हाथ में लिए, राष्ट्रीयता को सर्वोपरि रखकर सर काट लाते है ये दुश्मन के।
खून में जिनके शोले हो वहीं कहलाते है राष्ट्रीय राइफल्स हमारे। देश को आतंकवाद मुक्त बनाते है ये सारे फौजी भाई हमारे।
सर पर जो कफ़न बांधकर, दुश्मन की आँखें निकाल लाते है वहीं है देश के सिपाही हमारे। ना खौफ है इनको मरने का, काम है सिर्फ इनका दुश्मन को जन्नत पहुंचाने का।
आतंक के आकाओं को हमेशा डर में रहने को मजबूर कर देते है 'valley' के राष्ट्रीय राइफल्स हमारे।

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