सभी कविताएँश्रृंगार रस

सिर्फ़ तुम्हारी बाते

प्यार में अक्सर प्रेम की ही बात होती है

Bikesh 22 अक्टूबर 2026 1 मिनट पठन
सिर्फ़ तुम्हारी बाते
मैंने इश्क़ लिखा है तुमको मैंने ख्वाब लिखा है तुमको लिखा है तुमको अपनी रूह के हर किस्से में,
सपनों की दुनिया से परे तुम्हारी यादों की दुनिया बसती है चाहत की हर पहली बारिश में भीग जाता हूँ तुम्हारी यादों की बूंद‌ से,
रात की चांदनी और सूरज की किरण अब कोई फर्क नहीं रखते, क्योंकि चांदनी भी तुम हो और किरण भी तुम हो
हर सुबह की शुरुआत होती है तुम्हारी यादों से, और हर रात की नींद पूरी होती है तुम्हारे ख्यालों में,
किताबों की जगह अब मैं अपनी डायरी पढ़ता हूँ जहां हर अक्षर में मैं बस तुम्हें ही पढ़ता हूँ तुमको पढ़कर मैं खुद को तुममें पाता हूँ
तुम्हारे प्यार की नर्मी अपने दिल में संजोता हूँ अब मेरी डायरी के हर पन्ने में बस तुम्हारी यादें सांस लेती है

संबंधित पठन