
शिक्षा की मंदिर में
ईश्वर का रूप होते हैं शिक्षक,
ज्ञान की धारा से
दीप प्रज्वलित करते हैं शिक्षक,
कोई भी विद्यार्थी पीछे ना छूट जाए
ऐसा ध्यान रखते हैं शिक्षक,
जीवन के मार्गदर्शक बनकर
सफलता की कुंजी बतलाते हैं,
शिक्षक दिवस पर हमारे शिक्षक
हम सब से कुछ मांगते नहीं है,
कुछ मांगते भी है तो
विद्यार्थियों की उज्जवल भविष्य मांगते हैं
हम सब का भी फर्ज है
ईश्वर से कामना करने की,
जहां भी रहे,
जिस पद पर रहे,
अपने शिक्षकों की सीख
हमेशा अपने साथ रखें,
शिक्षा की मंदिर में
ईश्वर का रूप होते हैं शिक्षक,
लेकिन ईश्वर से भी पहले
सच्चे मित्र होते हैं शिक्षक
जो हमारी गलतियों को
अक्सर पहले सुधार देते हैं,
विचलित करने वाली दुनिया से
हम सब को रूबरू कराते हैं,
गुरु बिन ज्ञान नहीं
इसका सही मतलब बतलाते हैं,
शिक्षा की मंदिर में
ईश्वर का रूप होते हैं शिक्षक
ज्ञान की धारा से
दीप प्रज्वलित करते हैं शिक्षक।


